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Toxic haze from Indonesian forest fires chokes Malaysian Borneo

Published September 4, 2026 · Updated September 4, 2026 · By Mary Hernandez - bdbusinessdaily.com

Foto : Mary Hernandez - bdbusinessdaily.com

इंडोनेशिया के जंगल आगों से उठता धुआँ मलेशियाई बोर्नियो को ज़हर जैसा बना रहा है

Bdbusinessdaily.com – मलेशिया के पूर्वी हिस्से में रहने वाले लाखों लोगों की साँसें अब धीमी हो गई हैं। अगस्त के अधिकांश दिन सराक राज्य की आकाशगंगा काली-पीली धुंध में डूबी रही, और हवा में साँस लेने योग्य ऑक्सीजन की जगह जलती पीट और सूखी लकड़ी की गंध ने ले ली। यह धुआँ इंडोनेशिया की कलिमंतान क्षेत्र की आगों से उठकर हवा के प्रवाह के साथ मलेशियाई बोर्नियो तक पहुँच रहा है, और इसका असर सिर्फ सराक तक सीमित नहीं — पेनइन्सुलर मलेशिया, ब्रुनेई और सिंगापुर तक भी इसका प्रभाव फैल चुका है।

हवा की गुणवत्ता में खतरनाक स्तर

मंगलवार को सराक के छह जिलों में मलेशिया का वायु प्रदूषण सूचकांक 300 के पार चला गया। राज्य राजधानी कुचिंग में यह संख्या 407 तक पहुँची, जबकि कलिमंतान सीमा के निकट स्थित सेरियान में 408 दर्ज हुआ। मलेशिया की प्रणाली में 100 से ऊपर का कोई भी पठन 'अस्वस्थ' माना जाता है, इसलिए ये आँकड़े सामान्य शब्दों में कहें तो लोगों के लिए साँस लेना ही खतरनाक हो गया है। क्षेत्र में 2015 के बाद सबसे बुरी धुंध की घटना चल रही है — उस साल इंडोनेशियाई आगों से उठने वाले विषाक्त धुएँ ने करोड़ों लोगों को प्रभावित किया था और 5,00,000 से अधिक श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण बनी थीं।

स्वास्थ्य प्रणाली पर भारी दबाव

मलेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर में बीमारियों में तीव्र वृद्धि की पुष्टि की है। 23 से 29 अगस्त के सप्ताह में अस्थमा के मरीजों की संख्या 219 से बढ़कर 1,811 तक पहुँच गई — यानी एक सप्ताह में आठ गुना से अधिक का उछाल। आँखों की संक्रमण संबंधी बीमारी (कंजंक्टिवाइटिस) के केस 146 से बढ़कर 720 हो गए। बच्चे और स्कूल भी इसका शिकार बन रहे हैं। 20 और 21 अगस्त को कुचिंग और आस-पास के लगभग 600 स्कूल बंद कर दिए गए, जिससे करीब 2,00,000 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यार्थियों को घर पर रहना पड़ा। 28 अगस्त को सराक के और 30 स्कूल बंद हुए, जिससे 4,000 से अधिक बच्चे कक्षाओं से दूर रहे।

सराक सरकार ने मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के बाहरी उत्सव भी रद्द कर दिए, क्योंकि हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर थी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी क्षेत्र में सूचकांक 500 के पार जाता है, तो वहाँ स्थानीय आपातकाल लागू किया जा सकता है और केवल आवश्यक सेवाएँ ही चलेंगी।

खेल और दैनिक जीवन पर असर

धुंध का प्रभाव खेल जगत तक पहुँच चुका है। कुलालुमपुर में फुटबल अकादमियों ने खिलाड़ियों को प्रदूषित हवा से बचाने के लिए प्रशिक्षण सत्र और मैच रद्द कर दिए हैं। स्कूलों के बंद होने, बाहरी गतिविधियों के रद्द होने और बाज़ारों में मास्क-बिक्री के दृश्यों ने दैनिक जीवन को पूरी तरह बदल दिया है।

इंडोनेशिया में भी स्थिति गंभीर

धुएँ का स्रोत देश यानी इंडोनेशिया में भी स्थिति उतनी ही चिंताजनक है। उप स्वास्थ्य मंत्री डान्टे साक्सोनु हारबुवोनो ने बताया कि जुलाई और अगस्त में लगभग 13,500 लोगों को श्वसन संक्रमण के इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती किया गया। बोर्नियो और सुमात्रा में करीब 55 लाख लोगों को धुएँ से सीधे प्रभावित होने का अनुभव हुआ है।

"जुलाई और अगस्त में लगभग 13,500 लोगों को श्वसन संक्रमण के इलाज के लिए भर्ती किया गया, और बोर्नियो-सुमात्रा में करीब 55 लाख लोगों को धुएँ से सीधे प्रभावित होने का अनुभव हुआ।" — डान्टे साक्सोनु हharbुवोनो, इंडोनेशिया उप स्वास्थ्य मंत्री

इंडोनेशियाई सरकार के आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से जुलाई के बीच बोर्नियो और सुमात्रा में 2,00,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन जल चुकी है, और जुलाई के एक ही महीने में लगभग 95,000 हेक्टेयर प्रभावित हुए। पश्चिम कलिमंतान में मंगलवार को हॉटस्पॉट लगभग दोगुने होकर 7,377 पहुँच गए, जबकि सक्रिय आगों की संख्या 104 तक बढ़ गई, यह जानकारी इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपराह प्रबंधन एजेंसी ने दी है।

आगों के पीछे कारण और भविष्य की चिंता

ये आगें मुख्यतः भूमि-स्वच्छीकरण की प्रथाओं से जुड़ी हैं। पाम तेल, कृषि और 펄प-कागज़ उत्पादन के लिए बड़े प्लांटेशन और छोटे किसान जंगलों और पीटलैंड को जलाते हैं। इंडोनेशियाई प्रशासन ने बताया कि हाल की आगों को जलाने के संदेह में 72 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

वैज्ञानिकों की चेतावनी और गंभीर है। एल-निनो का तीव्र होना दक्षिण-पूर्व एशिया में और गर्म और सूखे मौसम ला रहा है, जिससे धुंध लंबे समय तक बना रह सकती है। वायुमंडलीय वैज्ञानिकों का कहना है कि पीटलैंड की सूखी होने से आगों को बुझाना कहीं अधिक कठिन हो जाता है — ज़मीन के नीचे जलती आगें हफ्तों तक धीरे-धीरे जलती रह सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आगों और धुंध पर नियंत्रण लाने के लिए लगातार भारी बारिश की आवश्यकता है, और महत्वपूर्ण राहत संभवतः सितंबर के अंत या अक्टूबर तक नहीं मिलेगी।

पठक के लिए संदर्भ

बोर्नियो द्वीप दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे बड़ा द्वीप है, जिसका उत्तरी हिस्सा इंडोनेशिया (कलिमंतान) और दक्षिणी हिस्सा मलेशिया (सराक और साबाह) में बँटा है। पीटलैंड — यानी हज़ारों सालों से जमा हुई सड़ती हुई वन अवशेषों की परतें — जलने पर कार्बन डाइऑक्साइड और विषाक्त कणों की भारी मात्रा छोड़ती हैं, इसलिए इनकी आगें सामान्य लकड़ी की आगों से कहीं अधिक विनाशकारी होती हैं। हर साल सूखे मौसम में यह चक्र दोहराया जाता है, और जब तक भूमि-स्वच्छीकरण की प्रथाएँ नहीं रुकतीं और क्षेत्रीय सहयोग मजबूत नहीं होता, तब तक यह धुंध का सवाल हर साल लौटकर आएगा।

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